- इंदौर में होगा राज्य स्तरीय ‘लक्ष्य मंथन योगासन प्रतियोगिता’ का आयोजन
- इस सप्ताह क्षेत्रीय OTT रिलीज़: अलग-अलग भाषाओं की 5 फ़िल्में जिन्हें अपनी वॉचलिस्ट में शामिल करें
- Regional OTT Releases This Week: 5 Films Across Languages to Add to Your Watchlist
- “15वां क्वालिटी मार्क अवॉर्ड्स 2026: गुणवत्ता और उत्कृष्टता के क्षेत्र में श्रेष्ठ उद्योगों एवं संस्थाओं को मिलेगा क्वालिटी मार्क का भव्य सम्मान”
- “15th Quality Mark Awards 2026: Outstanding Industries and Organizations in Quality and Excellence to Receive the Prestigious Quality Mark Honour”
365 दिन भी काफी नहीं है एक माँ को बताने के लिए कि वे कितनी स्पेशल हैं: पौलोमी दास
सही ही कहा गया है कि भगवान हर जगह नहीं हो सकता है, और इसलिए उसने माँ को बनाया। मातृत्व को सलाम करने के लिए, समाज में माताओं के प्रभाव को बढ़ाने के लिए, बच्चों का मातृत्व बंधन मज़बूत बनाने के लिए मदर्स डे मनाया जाता है।
प्रकृति के सबसे अच्छा उपहार ‘माँ ‘ को सलाम करने के लिए आज पुरे देश में यानि कि 10 मई 2020 को मदर्स डे मनाया जा रहा है। माँ के बेहिसाब प्यार का आभार व्यक्त करने के लिए वैसे तो कोई भी दिन सही दिन हो सकता है। लेकिन आज स्पेशल दिन है कि समाज की उन विरासतों, पहलुओं और चुनौतियों के बारे में सोचने का जो माँ का सामना करती हैं।
आम आदमी सहित मनोरंजन जगत भी माँ के निःस्वार्थ प्रेम का उत्सव मना रहा है। लेकिन इस बार अंदाज़ कुछ अलग है , क्योंकि कोरोना वायरस महामारी के चलते पुरे देश में लॉक डाउन लगाया गया है। जिसके कारण अभिनेत्री पौलोमी दास अपने परिवार के पास जाने से चूक गई। और आज के दिन अकेले मदर्स डे मना रही हैं और अपनी मां और परिवार को बहुत याद कर रही हैं।
जब पौलोमी से उनके माँ के बारे में और उनके लिए मदर्स डे कितना खास है ? यह पूछा गया तो उन्होंने कहा, ” धरती पर माँ सबसे अद्भुत इंसान होती हैं। इस खुशी को मनाने के लिए और उनके द्वारा दी गई कुर्बानियाँ को याद करने करने के लिए सिर्फ एक दिन काफी नहीं है। मैं तो यह कहूँगी कि 365 दिन भी काफी नहीं है उन्हें बताने के लिए कि वे कितनी स्पेशल हैं।
उनका बलिदान , उनका साहस,उनका समर्थन हमारे लिए बहुत मायने रखता है। लॉकडाउन के कारण मैं अपनी माँ के साथ नहीं हूँ और मुझे उनकी बहुत याद आती है। अगर लॉकडाउन नहीं होता तो वह यहाँ रहने वाली थी। मैं वास्तव में उन्हें याद कर रही हूं, मैं वास्तव में घर का बना हुआ खाना याद कर रही हूं। और वह मुझे सुबह उठती है जिससे मुझे वास्तव में नफरत है, लेकिन मुझे अभी सब याद आ रहा है। ‘
मॉडलिंग की दुनिया में नाम कमाने के बाद पौलोमी ने एक्टिंग की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाई। जहां पर उन्होंने अलग अलग किस्म के किरदारों से सभी के दिलो में राज़ किया। और अब कार्तिक पूर्णिमा की पूर्णिमा बन कर सभी को अपनी अदायकी से अपनी ओर आकर्षित कर रही है।
पॉलोमी “सुहानी सी लडकी” “दिल ही तो है”, “अघोरी” जैसे धारावाहिकों में भी दमदार किरदार में नज़र आई। उसके अलावा वे India’s Next Top Model में भी पार्ट लिया था। पौलोमी निश्चित रूप से दर्शकों का दिल जीत रही है।


